Constitutional Values Fellowship Program

Unity in Constitutional Values & Social Development
ऑनलाईन आवेदन प्रपत्र
"सच्चा बदलाव कागज़ की फाइलों से नहीं, बल्कि ज़मीन से जुड़े लोगों के हौसलों से आता है।"

1. परिचय एवं फेलोशिप का उद्देश्य

मध्य प्रदेश में असमानता और वंचना की चुनौतियाँ अलग-अलग रूपों में मौजूद हैं- एक तरफ पन्ना जिले के दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में आजीविका, पोषण और बुनियादी अधिकारों का संघर्ष है, तो दूसरी तरफ भोपाल संभाग की घनी शहरी बस्तियों व झुग्गियों में शिक्षा, बाल सुरक्षा और श्रम अधिकारों की जटिल समस्याएँ हैं।

इसी ज़मीनी वास्तविकता को ध्यान में रखते हुए, समावेश सोसाइटी फॉर डेवलपमेंट एंड गवर्नेस, अजीम प्रेमजी फाउंडेशन (APF) के सहयोग से 'संवैधानिक मूल्य फेलोशिप कार्यक्रम' की शुरुआत कर रही है। यह 21 महीने का एक ज़मीनी और बदलाव लाने का सफर है। यह फेलोशिप कोई पारंपरिक नौकरी या किताबी अध्ययन नहीं है, बल्कि यह ज़मीनी नेतृत्व तैयार करने की पहल है। इसका मुख्य उद्देश्य पन्ना के ग्रामीण अंचलों और भोपाल संभाग की शहरी बस्तियों से ऐसे संवेदनशील, ऊर्जावान युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की पहचान कर उन्हें मंच प्रदान करना है, जो अपने समाज की समस्याओं को समझते हैं और लोगों के साथ मिलकर उनके समाधान के लिए काम कर रहे हैं। इस फेलोशिप के माध्यम से संस्था इन युवाओं को मार्गदर्शन और सामूहिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी, जहाँ वे अपने अनुभव साझा करेंगे और एक दूसरे से सीखेंगे। वे अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में संविधान के मूल्यों को जीते हुए एक स्थायी, न्यायपूर्ण और गरिमापूर्ण बदलाव की नींव रख सकें। इसके लिए उन्हें आर्थिक सहयोग के रूप में एक निश्चित मानदेय (Stipend) दिया जाएगा।

2. फेलोशिप के कार्य क्षेत्र एवं कोहोर्ट (कुल 20 फेलो)

यह फेलोशिप दो विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्रों में संचालित की जाएगी:

ग्रामीण कोहोर्ट

12 फ़ेलोज़ पन्ना ब्लॉक से

शहरी कोहोर्ट

08 फ़ेलोज़ भोपाल के झुग्गी बस्तियों और पुराने शहर से

स्वास्थ्य एवं पोषण

आंगनवाड़ी सेवाएँ

बाल अधिकार

सुरक्षा एवं संरक्षण

एक्टिविटी सेंटर

बालमित्र एवं युवा साथी

संवैधानिक मूल्य

न्याय और समानता

प्राकृतिक खेती

फसल विविधता

स्थानीय स्वशासन

पंचायत व्यवस्था

महिला सशक्तिकरण

सामाजिक व आर्थिक

संभावित कार्य के मुद्दे:

Potential Focus Themes Line Art

आवेदक नीचे सुझाए गए मुद्दों के अलावा भी अपने अलग मुद्दों का चयन कर सकते हैं

  • महिलाओं से जुड़े सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक मुद्दे
  • कामकाजी महिलाओं के स्वास्थ्य व श्रम अधिकार
  • पोषण और आंगनवाड़ी का समन्वय
  • स्कूली शिक्षा व ड्रॉपआउट नियंत्रण
  • महिला व बाल स्वास्थ्य अधिकार
  • बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा व बाल विवाह रोकथाम
  • लड़कों की शिक्षा, नशामुक्ति और बाल श्रम की रोकथाम
  • लोगों को उनके हक़ और पात्र योजनाओं के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ीकरण में सहयोग
  • पंचायत और स्थानीय स्वशासन
  • प्राकृतिक खेती एवं स्थानीय फसल विविधता में पंचायत और समाज

3. आवेदक की पृष्ठभूमि, शिक्षा एवं पात्रता

कार्यक्षेत्र और समाज से सीधा जुड़ाव

आवेदक के लिए यह ज़रूरी है कि वह अनिवार्य रूप से पन्ना जिले के ग्रामीण क्षेत्रों या वहां की समस्याओं की अच्छी समझ हो। अगर आप वहाँ के स्थायी निवासी नहीं भी हैं, तो भी आपका वहाँ के लोगों से पुराना जुड़ाव होना चाहिए और आप वहाँ की चुनौतियों (जैसे गरीबी, शिक्षा की कमी, महिलाओं के अधिकार, खेती और स्वास्थ्य की चुनौतियाँ आदि) को लेकर काम करना चाहते हों।

आवश्यक पात्रता

यह फेलोशिप पारंपरिक नौकरियों से बिल्कुल अलग है। यहाँ कागज़ी डिग्रियों से ज़्यादा आवेदक के ज़मीनी जुड़ाव, दूसरों को मौके दे पाने का भाव, समाज को बदलने के जज़्बे, संवैधानिक मूल्यों में रुचि, आत्म-चिंतन की इच्छा, पूर्णकालिक रूप से फील्ड पर मौजूद रहने के प्रति प्रतिबद्धता, और सभी आवासीय कार्यशालाओं में भागीदारी ज़्यादा महत्वपूर्ण है। आवेदन करने के लिए निम्नलिखित मापदंड तय किए गए हैं:

  • कार्यक्षेत्र और समाज से सीधा जुड़ाव: प्रस्तावित फ़ेलोशिप क्षेत्र से संबंध रखते हों या उस क्षेत्र से उनका गहरा जुड़ाव हो।
  • सामान्य आयु सीमा: आवेदक की उम्र 22 वर्ष से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए (1 जनवरी 2027 की स्थिति में)।
  • विशेष छूट (अनुभवी उम्मीदवारों के लिए): यदि कोई आवेदक पहले से ही पन्ना के ग्रामीण क्षेत्रों या भोपाल संभाग की बस्तियों में समाज सेवा, जन-आंदोलनों या सामुदायिक विकास के कार्यों में सक्रिय रूप से लगा हुआ है, तो उनके व्यावहारिक अनुभव को देखते हुए अधिकतम आयु सीमा में 45 वर्ष तक की ढील (छूट) दी जा सकती है।
  • संवैधानिक मूल्य: संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक परिवर्तन और सामुदायिक पहल लेने में रुचि रखते हों।
  • सीखने की इच्छा: सीखने, आत्मचिंतन करने, सुझाव एवं प्रतिक्रिया स्वीकार करने तथा सहयोगात्मक ढंग से काम करने के इच्छुक हों।
  • सहभागिता: आवासीय कार्यशालाओं, मेंटरशिप बैठकों और क्षेत्रीय भ्रमणों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए तैयार हों।
  • प्रतिबद्धता: फ़ेलोशिप के प्रति निरंतर और स्थायी प्रतिबद्धता निभाने में सक्षम हों।
  • शैक्षणिक योग्यता: इस फेलोशिप के लिए किसी कॉलेज की डिग्री या डिप्लोमा की भी कोई अनिवार्यता नहीं है। यदि आपके भीतर अपने लोगों के साथ मिलकर काम करने, उनके सुख-दुख में खड़े होने और कुछ नया सीखने और करने का जज़्बा है, तो इस कार्यक्रम में आपका पूरे सम्मान के साथ स्वागत है।

4. विविधता और समावेशिता

समावेश सोसाइटी समाज के सबसे पिछड़े और हाशिए पर खड़े वर्गों को नेतृत्व की मुख्यधारा में लाना चाहती है। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTGs), विमुक्त घुमंतू जनजातियाँ (DNTs), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), महिलाएँ, ट्रांसजेंडर व्यक्ति और दिव्यांगजन (PWDs) युवाओं को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

5. गैर-राजनीतिक एवं संस्थागत मानदंड

  • राजनीतिक तटस्थता: आवेदक किसी भी राजनीतिक दल का पंजीकृत सदस्य, सक्रिय कार्यकर्ता या पदाधिकारी नहीं होना चाहिए।
  • कोई अन्य पूर्णकालिक लाभ नहीं: आवेदक किसी अन्य संस्था में फुल टाइम वेतनभोगी कर्मचारी नहीं होना चाहिए।

6. फेलोशिप के दौरान फ़ेलोज़ की भूमिका

  • किसी एक या एक से ज़्यादा गाँव, बस्ती या समुदाय को चुनकर वहाँ नियमित रूप से काम करना।
  • लोगों से बातचीत करके उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझना।
  • समुदाय की मदद से काम की एक योजना (Action Plan) तैयार करना।
  • ज़रूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं, सुविधाओं और उनके अधिकारों को दिलाने में मदद करना।
  • सरकारी योजनाओं तक पहुंच आसान बनाना, स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करना, ग्राम पंचायत, नगर निकाय और सरकारी विभागों के साथ मिलकर काम करना।।
  • व्यवस्थित तरीके से दस्तावेज़ीकरण करना और अनिवार्य प्रशिक्षण कार्यशालाओं में भाग लेना।

7. फ़ेलोज़ को मिलने वाला सहयोग

  • उन्मुखीकरण कार्यशाला: फ़ेलोशिप शुरू होते ही सभी फ़ेलोज़ के साथ एक 6 दिवसीय आवासीय उन्मुखीकरण कार्यशाला की जाएगी। इस कार्यशाला के दौरान, सभी फेलोज़ के प्रस्तावों के उद्देश्यों, रणनीति और कार्यान्वयन रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और उन्हें फेलोशिप के मुख्य विषयों के अनुरूप व्यवस्थित किया जाएगा।
  • ट्रेनिंग वर्कशॉप (क्रॉस-लर्निंग): हर 6 महीने में 5 दिनों की आवासीय ट्रेनिंग जहाँ कानून, अधिकारों, और काम की योजना पर एक्सपर्ट मार्गदर्शन मिलेगा।
  • अनुभव बाँटना (रिफ्लेक्शन प्रोसेस): साल में 2 बार बैठकें जहाँ बिना किसी डर या रोक-टोक के आप अपनी बात रख सकेंगे।
  • मेंटरशिप: अनुभवी लोग आपको 1:5 अनुपात में लगातार गाइड करेंगे।

8. फेलोशिप की श्रेणियाँ एवं वित्तीय सहयोग

  • बिगीनर फेलो: उन युवाओं के लिए जो सामाजिक कार्य में नई शुरुआत कर रहे हैं।
  • सीनियर फेलो: जिनके पास समुदायों के साथ मैदानी कार्य करने का लंबा अनुभव है।

21 माह तक चयनित बिगीनर फेलोज़ को ₹15,000 प्रति माह तक और ₹25,000 प्रति माह तक सीनियर फ़ेलोज़ को वित्तीय सहयोग उनके कार्य और अनुभव के आधार पर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य व दुर्घटना बीमा कवर भी दिया जाएगा।